Home देश जिंदगी ने फिल्मों के विलेन सोनू सूद को रियल लाइफ ने बनाया...

जिंदगी ने फिल्मों के विलेन सोनू सूद को रियल लाइफ ने बनाया असली हीरो

पूरी दुनिया में तबाही फैलाने वाली कोरोना महामारी के दौरान जब लोग एक तरफ अपने स्वजनों के अंतिम संस्कार से भी इन्कार कर रहे थे, तब कुछ लोग प्रभावित मरीजों की सेवा कर रहे थे। लॉकडाउन से प्रभावित प्रवासियों को खाना खिला रहे थे और उन्हें घर पहुंचाने का इंतजाम कर रहे थे। ऐसे ही लोगों में रुपहले पर्दे के मशहूर विलेन सोनू सूद भी शामिल थे। अपने स्तर पर उन्होंने एक छोटी-सी शुरुआत की, जो धीरे-धीरे एक बड़े अभियान में परिवर्तित हो गई। संकटग्रस्त लोगों की मदद के दौरान हुए अनुभवों पर उन्होंने ‘मैं मसीहा नहीं’ शीर्षक से एक पुस्तक लिखी है। पत्रकार मीना के अय्यर इस पुस्तक की सहलेखिका हैं।जिंदगी ने फिल्मों के विलेन सोनू सूद को रियल लाइफ ने बनाया असली हीरोपहली नजर में यह लग सकता है कि सोनू सूद ने अपनी प्रशंसा के पुल बांधने के लिए इसकी रचना की है। शायद उन्हें भी इसका अंदेशा था। इसलिए, उन्होंने पुस्तक की भूमिका में ही यह स्पष्ट कर दिया है कि यह आत्मश्लाघा की कहानी नहीं है और न ही उनके जीवन में यह सब कुछ अचानक हुआ। बकौल सोनू, उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान लोक कल्याण के जो भी काम किए, उसकी नींव उनके बचपन में ही पड़ गई थी। माता-पिता से मिले संस्कारों के दम पर ही वे इस कठिन दौर में लोगों की मदद कर पाए।

Must Read

जिंदगी ने फिल्मों के विलेन सोनू सूद को रियल लाइफ ने बनाया असली हीरो