हर पेरेंट्स के लिए जरूरी खबर : इंटरनेट पर अश्लील फ़िल्म देख 16 साल की बहन और 13 साल के भाई ने खेल-खेल में बनाए शरीरिक संबंध, 6 महीने की गर्भवती होने पर हुआ खुलासा

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कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन हो गई। ऐसे में बच्चे दिनभर लैपटॉप और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, कभी पढ़ाई करते हैं तो कभी इंटरनेट पर गेम खेलकर और वीडियो देखकर समय गुजार रहे हैं। इसी खेल-खेल में राजस्थान में दो सगे भाई-बहन ने इंटरनेशनल पर अश्लील फ़िल्म देख ली, फिर क्या 13 साल के भाई और 16 साल की बहन ने अश्लील फ़िल्म देखते देखते सेक्स करना शुरू कर दिया। बहन 6 माह की प्रेगनेंट हुई तो घर वालों को घटना की जानकारी हुई। बच्चा खराब होने पर अब डिलीवरी करवाई गई है। मामला अलवर जिले के भिवाड़ी का है।

इस तरह हुआ मामले का खुलासा

इंटरनेट के कारण रिश्ते तार-तार कर देने वाली यह घटना राजस्थान के भिवाड़ी में रहे एक परिवार के साथ हुई है। बताया जा रहा है कि किशोरी भिवाड़ी के ही एक निजी स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा है। छोटा भाई 7वीं कक्षा में पढ़ता है। महिला थाना प्रभारी रमाशंकर ने बताया कि महाराष्ट्र का एक परिवार मजदूरी के लिए लंबे समय से भिवाड़ी में रह रहा था। 15 साल की पोती का पेट बड़ा देख दादी को संदेह हुआ था तो उन्होंने जांच कराई तो वह गर्भवती निकली। परिवार इतने गहरे सदमे में आ गया कि उसने तुरंत मूल गांव महाराष्ट्र के वर्धा जिले के सेवाग्राम चले गए। बाद में बच्चा खराब होने पर डिलीवरी करा दी गई। 

किशोरी ने महाराष्ट्र पुलिस को अस्पताल में बयान में पूरा घटनाक्रम बताया। घटना दिसंबर 2020 में हुई थी। इसके आधार पर सेवाग्राम थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर भिवाड़ी पुलिस को भेजी। अब भाई-बहन और अस्पताल में लिए भ्रूण का डीएनए सैंपल लेने पुलिस टीम महाराष्ट्र गई है।

मोबाइल पर फिल्म देखते थे, इससे घटना

पुलिस की प्रारंभिक जांच में निकला कि भाई बहन दिन भर फोन चलाते रहे थे। इस दौरान कुछ गलत लिंक उन्हें मिल गए और वो अश्लील फिल्में देखने लगे। दोनों इसे खेल समझते थे और खेल-खेल में दोनों ने सेक्स करना शुरू कर दिया। दोनों को अपराध के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि इन दोनों ने कितनी बार सेक्स किया।

बच्चों को मोबाइल दें तो उन पर रखें पूरी नजर

अगर आपका बच्चा मोबाइल या किसी तरह के गैजेट्स का इस्तेमाल करता है तो उसे बार-बार चैक करते रहें। ऐसे लिंक, सोर्स रिमूव करें ताकि बच्चे उन तक न पहुंचे। सॉफ्टवेयर की मदद से अश्लील कंटेंट लिंक लॉक करें। बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करें। उनके साथ समय बिताएं और खुलकर बात करते रहें।

इंटरनेट-मोबाइल का यूज बढ़ा, बच्चों की निगरानी

कोरोना की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई, खालीपन व एक ही जगह बंद रहने से बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल और इंटरनेट पर गुजार रहे हैं। ऐसी कई घटनाएं लॉकडाउन में सामने आ चुकी है। 3 माह पूर्व रायसिंह नगर के एक गांव में 12 साल के लड़के ने 6 साल की बहन के साथ दुष्कर्म किया था। दरअसल समस्या ये है कि बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल करते-करते कब किस लिंक के जरिए अश्लील सामग्री तक पहुंच जाते हैं, ये पता नहीं चल पाता। बच्चे जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं वे अश्लील वीडियो देखने को उत्सुक हो जाते हैं। फिर वे जो देखते हैं उसे अपने साथ करके भी देखते हैं। यहीं से सारी समस्या शुरू हो रही हैं।

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