टेक्नोलॉजी में रोजाना तेजी से हो रहे बदलाव की कड़ी में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। डेस्कटॉप, मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर काम करने वाले एप की प्रोग्रामिंग के लिए जावा, सी प्लस-प्लस लैंग्वेज का नहीं, अब नई लैंग्वेज (कोटलिन) का प्रयोग होगा। यह लैंग्वेज न सिर्फ बेहतर प्रोग्रामिंग में मददगार साबित होगी, साथ ही इस लैंग्वेज से एप सभी मोबाइल/ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (मल्टी प्लेटफार्म) पर काम कर सकेंगे। टेक्नोलॉजिकल चेंज में यह अब तक का बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। एकेटीयू (डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल युनिवर्सिटी) के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ के मुताबिक, कोटलिन, जावा से ज्यादा पॉवरफुल लैंग्वेज है। जावा की तमाम शॉर्ट कमिंग्स को कोटलिन ने दूर किया है। एप डेवलपमेंट चाहे वह डेक्सटॉप एप हो या मोबाइल एप (एंड्रॉयड/आइओएस/लिनेक्स ) के लिए कोटलिन सबसे कारगर सॉफ्टवेयर साबित होगा। कोटलिन लैंग्वेज के इस्तेमाल से जल्द ही बड़े क्रांतिकारी परिवर्तन सामने आएंगे।

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