लाकडाउन से अनलाक होने के क्रम में अभी भी स्कूलों को पूरी तरह से आजादी नहीं मिल सकी है। पिछले एक साल में स्कूल बंद रहने के दौरान शहर के तमाम गलियों में घर-घर में छोटे बच्चों के लिए कोचिंग शुरू हो गए हैं। जिसको जितने भी बच्चे मिले वह घर में पढ़ा रहे हैं। छोटे बच्चों की कोचिंग अधिकतर महिला शिक्षिकाएं ले रही हैं। वहीं बड़े बच्चों की कोचिंग क्लास महिला व पुरुष दोनों ही ले रहे हैं। बच्चों को भी एक घंटे से अधिक समय कोचिंग में पढ़ने को मिल रहा है। ऐसे में स्कूलों की आनलाइन पढ़ाई की कमियों को कोचिंग में पूरा कराया जा रहा है। एक तरह से स्कूल की पढ़ाई की कमियों को कोचिंग से पूरा किया जा रहा है।

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