मेरठ के रंगीन जरबेरा फूलों से महक रहे देशभर के वैवाहिक कार्यक्रम

मेरठ में सरंक्षित खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इन दिनों पॉलीहाउस की खेती करने वाले किसान जरबेरा की शानदार मांग के चलते उत्साहित हैं। साल के शुरूआत में मार्च से सितंबर तक कोरोना काल में खेती किसानी को बड़ा नुकसान हुआ। खासकर फूलों की खेती के लिए यह साल कुल मिलाकर शून्य ही रहा। लेकिन साल के आखिरी पड़ाव में किसानों के लिए फूलों की खेती संजीवनी बनकर आई है। शादी, सगाई या अन्य कार्यक्रमों के आयोजनों में जरबेरा मुख्य सजावटी फूलों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।जिला उद्यान अधिकारी मेरठ आरएस राठौर ने बताया कि पॉलीहाउस यानि संरक्षित खेती छोटे किसानों के लिए शानदार विकल्प है। एक एकड़ के किसान पॉलीहाउस लगाकर गुलाब, जरबेरा, लीलियम आदि फूलों के अलावा सब्जियों में लाल पीली शिमला मिर्च, टमाटर व खीरे आदि की शानदार खेती कर सकते हैं। पालीहाउस में फसलों के लिए कृत्रिम वातावरण तैयार कर पौधे को निश्चित आर्द्रता व आवश्यकतानुसार तापमान में रखा जाता है। इसमें उद्यान विभाग की ओर से 50 फीसद तक अनुदान की व्यवस्था भी है। जो डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान को पहुंचता है।

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