कोरोना की तरह प्रदूषण को लेकर अब सख्ती की तैयारी

यदि एक हफ्ते में मेरठ समेत मंडल के अन्य जिलों के प्रदूषण की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो ईपीसीए और अन्य संबंधित विभाग की ओर से कोरोना के लॉकडाउन की तरह सख्त आदेश जारी किए जाएंगे। इसके लिए उच्च स्तर पर विचार-विमर्श प्रारंभ कर दिया गया है।
इस बार दशहरे और ठंड से पहले ही प्रदूषण की स्थिति खतरनाक होने लगी है। वैसे ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल प्रदूषण को लेकर मेरठ समेत वेस्ट यूपी के दौरे में सख्त चेतावनी दे चुके हैं। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उसके बाद 15 अक्तूबर से मेरठ मंडल के सभी जिलों समेत एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान(ग्रेप) लागू कर दिया गया। ईपीसीए और कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने ग्रेप का सख्ती से पालन के निर्देश दिए, लेकिन नतीजा जीरो रहा। पहले दिन ही मेरठ देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। मेरठ के साथ ही बागपत की हवा भी लगातार प्रदूषित है।
अब प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि अब एक सप्ताह में यदि प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कोरोना के लॉकडाउन जैसी स्थिति के लिए लोगों को तैयार रहना होगा। जुर्माना, मुकदमा और प्रतिबंध तीनों का सामना करना होगा। संभवत: दशहरे के बाद किसी भी समय प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह लागू होगा।

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