विद्युत संशोधन बिल 2021 और निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। इसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। हालांकि इमरजेंसी स्टाफ को कार्य बहिष्कार से छूट दी गई है। संविदा लाइनमैनों ने भी कार्य बहिष्कार में शामिल होने से इनकार किया है।farmer power electricity billविद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने केंद्र और राज्य सरकारों के निजीकरण की नीति के विरोध, बिजली निगमों का एकीकरण कराने के लिए और पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर रहे हैं। समिति के संयोजक रोहित कुमार और सह संयोजक आरए कुशवाहा ने बताया कि सुबह निर्धारित समय पर सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्य स्थल पर तो पहुंचेंगे, लेकिन काम नहीं करेंगे। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक मुख्यालयों पर विरोध सभा की जाएगी। कार्य बहिषकार के चलते कार्यालयों में समस्या लेकर जाने वालों की समस्या का निस्तारण नहीं होगा। निविदा-संविदा लाइनमैन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि संविदा लाइनमैन कार्य बहिष्कार में शामिल नहीं हैं। वे ड्यूटी पर रहेंगे और फाल्ट आदि को समय से ठीक करके आपूर्ति बाधित नहीं होने देंगे।

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