आर्मी इंटेलिजेंस मेरठ और देहरादून पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत 19 युवाओं को सेना भर्ती की फर्जी ट्रेनिंग कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दो लोग अभी भी फरार हैं, जिनमें एक दिल्ली व दूसरा हरियाणा का है। इनमें एक चिकित्सक और दूसरा कागजात बनाने की भूमिका निभा रहा था। पकड़े गए तीन आरोपितों में युवराज पुत्र राजेंद्र सिंह तीलीयाधार खुर्जा जिला बुलंदशहर, पंकज पुत्र ब्रजभूषण हरेड़ा जिला बागपत और सोनू पुत्र सूबेराम बौदकला चरखी दादरी हरियाणा का रहने वाला है। धोखाधड़ी के शिकार 19 युवक उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली आदि जगहों के हैं।गणतंत्र दिवस के ठीक पहले आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर सदर थाने की पुलिस ने भैंसाली बस अड्डे के निकट एक होटल से 10 युवकों को पकड़ा था। सभी को सेना में भर्ती के लिए लाया गया था। उन्हें टीए (टेरिटोरियल आर्मी) में भर्ती के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए गए थे। सभी युवक महाराष्ट्र के थे। उन्हीं युवकों से मिली सूचना के बाद आर्मी इंटेलिजेंस जांच करते हुए इस गिरोह तक पहुंची। इनके पास से भी उसी तरह के फर्जी नियुक्ति पत्र, सेना के पहचान पत्र सहित अन्य कागजात मिले हैं। 19 युवकों को सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपितों से 55 से 60 लाख रुपये मिले हैं।

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