मेरठ में भी वेस्ट प्लास्टिक से बनेंगी सड़कें, इससे लागत में होगी दस फीसद की बचत

लोक निर्माण विभाग जिले में वेस्ट प्लास्टिक से सड़क तैयार करेगा। पिछले वर्ष प्रदेश के मेरठ समेत आठ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट चला था। इसमें सफलता मिलने पर सभी जिलों में वेस्ट प्लास्टिक से सड़क बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मेरठ में तीन सड़कों के एक किमी हिस्से को वेस्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हुए स्वीकृति मिली है। इससे एक ओर वेस्ट प्लास्टिक का सदुपयोग होगा, तो वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे लागत में भी दस फीसद की बचत होगी।

ऐसे तैयार होती प्लास्टिक से सड़क

सड़क बनाने वाले पत्थर या गिट्टी को 170 डिग्री सेल्सियस तक गर्म कर इसमें प्लास्टिक के टुकड़ों को मिश्रित किया जाता है। 30 सेकेंड में प्लास्टिक पिघलकर पत्थर से चिपक जाता है। उसके बाद हॉट मिङ्क्षक्सग प्लांट में 160 डिग्री सेल्सियस तक गर्म तारकोल को मशीनों के टैंक में मिश्रित किया जाता है। इस तरह सड़क बनाने का मिश्रण तैयार हो जाता है। इसी मिश्रण से सड़क की लेयर तैयार की जाती है।

इन मार्गों को मिली स्वीकृति

– दौराला मसूरी मार्ग

– मवाना किठौर हापुड़ मार्ग

– सकौती फलावदा घटायन मार्ग

पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद शासन ने प्रत्येक जिले में तीन सड़कें वेस्ट प्लास्टिक से तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एक किमी में 1.5 टन प्लास्टिक का इस्तेमाल होगा।

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