सात से 12 साल तक की आयु के बच्चों को एथलेटिक्स से जोड़ने के लिए वल्‍र्ड एथलेटिक्स ने किड्स एथलेटिक की शुरुआत की है। छोटी उम्र से भविष्य के पदकवीर गढ़ने के लिए एथलेटिक फेडरेशन आफ इंडिया भी इस योजना को शुरू करने जा रही है। किड्स एथलेटिक का पायलट प्रोजेक्ट मेरठ से ही शुरू होगा। उत्तर प्रदेश को किड्स एथलेटिक का माडल प्रदेश बनाकर देश भर में उसी माडल को लागू किया जाएगा।किड्स एथलेटिक के सभी इवेंट के प्लास्टिक उपकरण भी मेरठ में तैयार कर यूरोपीय देशों में भेजे जा रहे हैं। इनमें गोला फेंक, डिस्कस थ्रो, जैवलिन, हैमर थ्रो, जैवलिन थ्रो बाल, फोम हर्डल आदि उपकरण हैं। यह बच्चों के लिए हल्के व सुरक्षित मापदंडों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इन उपकरणों से बच्चों चोट भी नहीं लगेगी और उन्हें एथलेटिक्स के विभिन्न तरह के खेलों से जोड़ने का अवसर भी मिलेगा।

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