ऑप्टिक न्यूराइटिस’ : कानपुर में मिला इस बीमारी से पीड़ित देश का पहला, जानिए क्या हैं लक्षण

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कानपुर के हैलट अस्पताल में ब्लैक फंगस से ऑप्टिक न्यूराइटिस का पहला मरीज मिला है। अस्पताल के चिकित्सकों का दावा है कि यह देशभर में पहला केस है। इसमें मरीज की आंखों की नसों में सूजन आ जाती है। नसों में खराबी आने से मरीज की आंखों की रोशनी चली जाती है।

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ऑप्टिक न्यूराइटिस से पीढ़ित 30 वर्षीय आशीष को हैलट में 15 दिन पहले भर्ती कराया गया था। वह ब्लैक फंगस से पीड़ित थे। आशीष के इलाज के साथ साथ मेडिकल कॉलेज ने इस मरीज के इलाज के साथ डॉक्टरों ने उस पर शोध भी शुरू कर दिया है। ऑप्टिक न्यूराइटिस ने ब्लैक फंगस के नए रूप को उजागर किया है।

हैलट अस्पताल के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया ब्लैक फंगस की वजह से आर्टरी ब्लॉकेज के तो कई मरीज आए और उनका इलाज भी हमने किया, लेकिन ऑप्टिक न्यूराइटिस का यह पहला मरीज है। फिलहाल, उसकी दोनों आंखों की रोशनी काफी प्रभावित हुई है। इस फंगल संक्रमण से नसों में सूजन आ जाती है और खून के थक्के जम जाते है जिसकी वजह से मरीज की आँखों की रोशनी चली जाती है।

उन्होंने दावा किया कि अभी तक देशभर में ऑप्टिक न्यूराइटिस का कोई भी मरीज नहीं मिला है। शोध पूरा होने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय जर्नल में भेजा जाएगा। बताया कि ब्लैक फंगस के जितने मामले आ रहे हैं, उन पर भी अध्ययन किया जा रहा है।

ऑर्टरी ब्लॉकेज के अधिक रोगी

डॉ. परवेज ने बताया कि कोरोना के साथ या फिर निगेटिव होने के बाद जिन मरीजों को ब्लैक फंगस हुआ, उनकी आंख की ऑर्टरी में ब्लॉकेज की शिकायत थी। इलाज के लिए जो जल्दी अस्पताल पहुंचे, उनकी रोशनी बचाने की गुंजाइश रही। इस दौरान नेत्ररोग विभाग में ऑर्टरी ब्लॉकेज के अधिक रोगी आए. बताया कि ज्यादातर मरीज कोरोना से उबरने के बाद ब्लैक फंगस की चपेट आए. दरअसल, कोरोना के इलाज में उन्हें स्टेरॉयड भी दी गई। अधिकांश मरीजों की कोरोना के इलाज के दौरान ब्लड शुगर बढ़ गई। इससे उन्हें ब्लैक फंगस का भी संक्रमण हुआ।

 क्या है ऑप्टिक न्यूराइटिस

ऑप्टिक न्यूराइटिस आंखों से जुड़ी एक बीमारी है जिसमें आंख से मस्तिष्क को संदेश भेजने वाली तंत्रिका ऑप्टिक नर्व में सूजन हो जाती है। ऑप्टिक नर्व के ऊपर एक वसायुक्त पदार्थ की परत होती है जिसे मायलिन कहते हैं। यह विद्युत आवेगों को आंख से तेजी से मस्तिष्क में भेजता है जहां ये विजुअल इंफॉर्मेशन में बदल जाते हैं। जब ऑप्टिक नर्व में सूजन आ जाता है तो मायलिन डैमेज हो जाता है। जिससे नर्व फाइबर मस्तिष्क को संदेश नहीं भेज पाता है और इसके कारण आंखों की रोशनी जा सकती है। ऑप्टिक न्यूराइटिस अचानक होता है जिसमें आंखों से धुंधला दिखाई देता है और इससे पीड़ित व्यक्ति रंगों को नहीं पहचान पाता है।

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