पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए मखदूमपुर गंगा घाट से लिए गए जल सैंपल, प्रदूषण बढ़ा रही प्लेज की खेती

गंगा में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर सोमवार को जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने क्षेत्र के मखदूमपुर गंगा घाट पर गंगाजल के सैंपल लिए। नमामि गंगे परियोजना के तहत लिए गए इन नमूनों से गंगाजल की गुणवत्ता जांची जाएगी। सख्त निर्देश के बावजूद  कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा प्लास्टिक, पूजा के फूल, पुराने कपड़े और कूड़ा आदि डालने से परहेज नहीं किया।केंद्र सरकार ने गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने पर अरबों रुपये खर्च किए हैं। बावजूद इसके गंगा प्रदूषण से मुक्त नहीं हो पाई है। कुछ दिन पहले आई एक रिपोर्ट में हरिद्वार में भी गंगा जल को पीने योग्य नहीं बताया गया है।
इसके मद्देनजर मेरठ में जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी अरुण कुमार मिश्रा ने मखदूमपुर गंगा घाट और उसके आसपास के अलग-अलग स्थानों से गंगा जल के सैंपल लिए। मिश्रा ने बताया कि पानी में प्रदूषण की जांच की रिपोर्ट अगले तीन-चार दिन में आ जाएगी। जांच से पता चलेगा कि पानी कौन सी श्रेणी का है और यह पीने लायक है या नहीं। जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेजी जाएगी।

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