देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत गत दिवस जहां रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत दे दी गई, वहीं मंगलवार को विदेश में उत्पादित अन्य सभी वैक्सीन के लिए देश के दरवाजे खोल दिए गए। केंद्र सरकार के इस निर्णय से दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की रफ्तार और तेज हो सकेगी।देश में फिलहाल सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड व भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगाई जा रही है। इनकी अब तक 10.8 करोड़ से ज्यादा खुराक का वितरण किया जा चुका है। भारत जरूरतमंद 70 से अधिक देशों को वैक्सीन की छह करोड़ से ज्यादा खुराक प्रदान कर चुका है। देश में टीकाकरण अभियान रफ्तार पर है। इसके साथ ही कुछ राज्यों से वैक्सीन की किल्लत की शिकायतें भी आने लगी हैं। इसे देखते हुए सीरम व भारत बायोटेक उत्पादन बढ़ाने में जुटी हैं।

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