प्रदेश सरकार के बजट में पश्चिमी उप्र को भले ही कोई बड़ा उपहार नहीं मिला है, लेकिन कताई मिलों के कायाकल्प के लिए जारी 100 करोड़ रुपयों से परतापुर कताई मिल की तकदीर बदल सकती है। 89 एकड़ में सैकड़ों लघु औद्योगिक इकाइयां बसाई जा सकेंगी। हालांकि बजट में औद्योगिक जमीन व रिसर्च सेंटर न मिलने की टीस भी उद्यमियों में नजर आई।इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि पश्चिमी उप्र में एक्सप्रेस वे, रैपिड रेल और इंडस्टियल फ्रेट कारिडोर जैसी योजनाओं का उद्योगों को बड़ा लाभ होगा, लेकिन केंद्र एवं राज्य सरकार के बजट में कोई स्पष्ट और बड़ी सौगात नहीं मिली है। योगी सरकार के पांचवें बजट में कताई मिलों के जीर्णोद्धार और औद्योगिक उपयोग के लिए सौ करोड़ का बजट मिला है।

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