कोरोना काल में आयुर्वेद के बढ़ते महत्व से औषधीय पौधों की मांग बढ़ी है। जड़ी-बूटी में मिलावट पकड़ने की अभी तक कोई वैज्ञानिक तकनीक नहीं थी, लेकिन अब पौधों के डीएनए (डीआक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड) से तैयार बारकोड मिलावट पकड़ने में मदद करेगा। यह तकनीक मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जनेकृविवि) के जैव प्रौद्योगिकी केंद्र की सहायक प्राध्यापक डा. कीर्ति तंतवाय ने विकसित की है। उनके शोध को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल गया है। इस तकनीक से न केवल किसी भी पौधे की सटीक पहचान हो सकेगी, बल्कि एक सामान दिखने वाले पौधों के बीच खास पौधे की पहचान करना भी आसान हो जाएगा।

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