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DGGI मेरठ यूनिट ने किया करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा, 3.50 करोड़ रिकवर

DGGI मेरठ यूनिट ने किया करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा, 3.50 करोड़ रिकवर
डीजीजीआई की टीम ने इस फर्म के रुड़की स्थित प्रतिष्ठानों, फैक्ट्री एवं आपूर्तिकर्ता फर्मों पर छापेमारी की।

जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) मेरठ जोनल इकाई ने बोगस बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी करने के मामेल का पर्दाफाश किया है। सर्स विमलेश कोइल्स एंड कंडक्टर्स रुड़की नाम की इस फर्म पर धोखाधड़ी की कार्रवाई की गई है। इस फर्म ने फर्जी खरीद- बिक्री बताकर बोगस बिल (bogus bill) बनाकर  7.5 करोड़ रुपए इनपुट टैक्स क्रेडिट (input tax credit) हासिल किया। अधिकारियों ने 3.50 करोड़ के जीएसटी की रिकवरी भी की है।

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इससे पहले डीजीजीआई की टीम ने इस फर्म के रुड़की स्थित प्रतिष्ठानों, फैक्ट्री एवं आपूर्तिकर्ता फर्मों पर छापेमारी की। देर रात तक चली छापेमारी में जानकारी मिली कि सभी फर्जी फर्में मैसर्स विमलेश कोइल्स एंड कंडक्टर्स को बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के लिए कागजों पर बनाई गई थीं। कभी भी इन फर्मों से माल का लेन-देन नहीं हुआ।

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इससे दो दिन पहले डीजीजीआई मेरठ यूनिट की टीम ने 16 करोड़ की जीएसटी चोरी के आरोपियों आस मोहम्मद व विभु ग्रोवर को गिरफ्तार किया था। जिन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया है। आरोपी आस मोहम्मद व विभु ग्रोवर मैसर्स पोडार स्पार्क कंपनी बनाकर काम कर रहे थे। दोनों आरोपी इस फर्म में मैनेजिंग डायरेक्टर थे। दोनों ने 26 फर्जी कंपनी बनाकर लगभग 16 करोड़ की जीएसटी की चोरी की। इसकी जीएसटी टीम ने जांच कर टैक्स चोरी होना पाया था।

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