Saturday, February 4, 2023
No menu items!

बता रही थी कश्मीरी हिंदू महिला और रो रहे थे सब

Must Read

यमुनानगर में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

यमुनानगर। शहर यमुनानगर के नेहरू पार्क में शनिवार को कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बेरोजगारी के...

पेट्रोल टैंकर में भरकर ले जाई जा रही छह लाख की अवैध शराब, दो तस्कर गिरफ्तार

जयपुर। चूरू जिले की राजगढ़ थाना पुलिस ने एक पेट्रोल टैंकर से विभिन्न ब्रांड की 610 कार्टन अवैध...
The Sabera Desk
The Sabera Deskhttps://www.thesabera.com
Verified writer at TheSabera

आज 19 जनवरी है। ये वही दिन है, जब कश्मीर के हिंदुओं के जिंदगी में काला दिन बनकर आया। आज ही दिन घाटी की मस्जिदों से हिंदुओं के खिलाफ फतवे जारी कर उन्हें घाटी छोड़ने का फरमान जारी किया गया था। आज भी कश्मीरी इस दिन को याद कर सिहर उठते हैं।

19 जनवरी यानी कश्मीरी पंडित नरसंहार दिवस पर कश्मीरी पंडितों ने उस दिन को याद किया। एक महिला ने बताया, “धर्मांतरित हो, या मरो या भाग जाओ! 1990 में आज ही के दिन जब पूरी घाटी के मस्जिदों से यह नारा दिया गया। हजारों पंडितों का नरसंहार कर लाखों को अपने ही वतन में निर्वासित किया गया था। सनातनियों, याद रखना, भूलना नहीं।”

एक कश्मीरी महिला अपने दर्द को याद करते हुए कहती है, “हम भागे नहीं, हमें भगाया गया। मस्जिदों से वो अनाउंस करते थे। लड़कियाँ गिन कर रखी थीं। वो लड़की मेरी… वो औरत मेरी… वो मकान मेरा। सेकेंड क्लास में मेरा भाई पढ़ता था। मैं अपनी पड़ोसन की ट्रक मे आई हूँ। कौन पड़ोसी? कोई नहीं था वहाँ जो उन्हें बताए कि ये मत करो, ये गलत है? कौन सा भाईचारा उन्होंने उस वक्त हमें दिखाया, जो कहें ये हमारे अपने हैं?”

‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म के निर्माता विवेक अग्निहोत्री पीड़िताओं द्वारा बताई गई कहानी को याद करते हुए कहते हैं, “हमारे अपने, हमारे पड़ोसी, हमारे स्टूडेंट्स थे। जो हमारे घरों में आकर खेलते थे बच्चे, हमारे घरों में खेलना सीखा। जब वे थोड़े बड़े हो गए और उनकी मूँछें आ गई तो उन्होंने आकर हमारे पति को मारा।”

कश्मीर के मुस्लिम पड़ोसियों को याद करते हुए फिल्म के मुख्य किरदार निभाने वाले अनुपम खेर कहते हैं, वे अमानवीय लोग हैं। उनके शरीर में दिल नहीं है। राक्षस हैं वो। आप कैसे महसूस करेंगे कि आप इंसान हैं? जब दूसरे का दुख आपको अपना दुख लगता है, तो लगता है कि आप इंसान हैं।”

अनुपम खेर ने बताया कि जब वे इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़े थे, तब बहुत रोए थे। खेर बोले, हम उस सपने को पूरा होते हुए देख रहे थे। 32 साल से किसी ने हमारी आवाज सुनी नहीं थी। मैंने अपने दादा जी को मरते देखा था, अपने पिताजी को मरते देखा था।”

बता दें कि The Kashmir Files को 19 जनवरी को कुछ सीमित थिएटर्स में दोबारा रिलीज किया गया है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ सिनेमा इतिहास की उन चुनिंदा फिल्मों में है, जिसे एक साल के भीतर दो बार रिलीज़ किया गया। 19 जनवरी को कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के 33 साल पूरे रहे हैं।


.

News Source: https://hindi.opindia.com/national/the-kashmir-files-jammu-kashmir-kashmiri-hindu-pandits-islamic-terror/

- Advertisement -बता रही थी कश्मीरी हिंदू महिला और रो रहे थे सब

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -बता रही थी कश्मीरी हिंदू महिला और रो रहे थे सब
Latest News

यमुनानगर में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

यमुनानगर। शहर यमुनानगर के नेहरू पार्क में शनिवार को कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बेरोजगारी के...

पेट्रोल टैंकर में भरकर ले जाई जा रही छह लाख की अवैध शराब, दो तस्कर गिरफ्तार

जयपुर। चूरू जिले की राजगढ़ थाना पुलिस ने एक पेट्रोल टैंकर से विभिन्न ब्रांड की 610 कार्टन अवैध शराब बरामद कर बाड़मेर से...

निलंबित आईएएस पूजा सिंघल ने ईडी कोर्ट में किया सरेंडर, गई जेल

रांची। मनरेगा एवं माइनिंग घोटाला से जुड़े मनीलॉन्ड्रिंग मामले की आरोपी निलंबित आइएएस पूजा सिंघल ने अदालत से मिली अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने...

हिमाचल में रेल विकास के लिए मोदी सरकार ने बजट में दिए 1838 करोड़ : अनुराग ठाकुर

नयी दिल्ली। केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल एवं युवा मामले मंत्री अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय बजट 2023-24 में अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश...
- Advertisement -बता रही थी कश्मीरी हिंदू महिला और रो रहे थे सब

More Articles Like This

- Advertisement -बता रही थी कश्मीरी हिंदू महिला और रो रहे थे सब