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बदन सिंह बद्दो फेसबुक पार्ट 5: खुद को सुपर कॉप कहने वाले एसएसपी ने मेरा फर्जी एनकाउंटर करने के लिए रोमी से मोटी रकम ली

बदन सिंह बद्दो फेसबुक पार्ट 5: खुद को सुपर कॉप कहने वाले एसएसपी ने मेरा फर्जी एनकाउंटर करने के लिए रोमी से मोटी रकम ली

कुख्यात डॉन लगातार फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक्टिव है। 14 अगस्त को उसने फेसबुक और इंस्टाग्राप पर पोस्ट शेयर कर यूपी पुलिस के पूर्व अफसरों से लेकर सरकार, मंत्री और विधायकों के साथ ही कई बड़े कारोबारियों पर गंभीर आरोप लगाए।

कुख्यात डॉन लगातार फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक्टिव है। सोशल मीडिया पर बदन सिंह बद्दो ने यूपी पुलिस के कुछ पूर्व अधिकारियों और मेरठ के कुछ बड़े कारोबारियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अब 16 नवंबर को बदन सिंह ने अपनी इस पोस्ट का अगला हिस्सा प्रकाशित किया है। इस पोस्ट में भी बदन सिंह ने नए खुलासे करते हुए अपना पक्ष रखा और सरकार से लेकर मंत्री, विधायकों और पुलिस अफसरों पर बड़े आरोप लगाए।

हालांकि हम बदन सिंह की पोस्ट के एक-एक पैराग्राफ को लेकर चल रहे हैं। अभी तक हम चार पार्ट में आपको बदन सिंह की पोस्ट को पढ़वा चुके हैं।

अब पढ़ें बदन सिंह बद्दो की पहली पोस्ट का पांचवा और आखिरी हिस्सा

बदन सिंह बद्दो ने लिखा कि ब्रजलाल ने केबल कारोबार पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया तो उसे अब रविंद्र सिंह भूरा की जरूरत नहीं रही। भूरा सिर्फ हत्या करने का काम करता था, जो अब ब्रजलाल यूपी पुलिस से करा रहे थे। उन्होंने रविंद्र सिंह का 25% हिस्सा (जो उस वक़्त लाखों में था) देना बंद कर दिया और रविंद्र सिंह पर फर्जी मुकदमा लगाकर इनाम घोषित कर दिया। पुलिस रविंद्र सिंह भूरा को मारने के लिए लग गई। रविंद्र भूरा जेल चला गया। रोमी और ब्रजलाल ने अपना केबल कारोबार देखने के लिए एक मैनेजर (पवित्र मैत्रेय) रख लिया। यह मैनेजर एक्स डीजीपी यूपी के भांजे भी थे और उनके परिवार में कई आईपीएस, आईएएस थे। इसी सबका फायदा उठाने के लिए उन्हें मैनेजर रखा गया था, लेकिन उनकी भी हत्या हो गई जिससे रोमी ओर ब्रजलाल का कारोबार हिल गया।

जेल में पैसों से भरा बैग लेकर रविंद्र भूरा को मनाने पहुंचे रोमी और ब्रजलाल

उधर रविंद्र सिंह भूरा ने रोमी ब्रजलाल से अलग केबल नेटवर्क चलाने की योजना बनाई। जिसे सुनकर रोमी और ब्रजलाल आधी रात को मेरठ जेल में पैसों से भरा बैग लेकर रविंद्र भूरा को मनाने पहुंचे। शर्तों पर रविंद्र भूरा माने और 6 महीने का प्रॉफिट एडवांस में लिया।जिसके बाद रोमी ब्रजलाल ने रविंद्र भूरा को उनके गांव में घर बनाकर गिफ्ट करने का वादा भी किया। हालांकि ब्रजलाल और भूरा एक दूसरे पर यकीन नहीं करते थे। ब्रजलाल ने रविंद्र सिंह को कोर्ट में ही मरवाने की योजना भी बनाई, लेकिन कामयाब नहीं हुए। रविंद्र सिंह भूरा को ब्रजलाल के प्लान की भनक लग गई। 

मेरठ में आए खुद को सुपर कॉप कहने वाले एसएसपी

इस सबके बीच मेरठ में नए एसएसपी (नवनीत सिकेरा) की पोस्टिंग हुई। यह एसएसपी खुद को इंडिया का सुपर कॉप कहलाना पसंद करते थे। उस वक्त यूपी में सबसे ज्यादा एनकाउंटर इन्हीं एसएसपी ने किए थे (यह एसएसपी का मीडिया से कहना था)। उस वक्त इन एसएसपी को लेकर अफवाह थी कि  यूपी सीएम (मुलायम सिंह यादव) बेटे से ज्यादा इन एसएसपी को मानते हैं, सीएम के रिश्तेदार है, दामाद हैं। सिर्फ सीएम की ही बात मानता है इसके अलावा उनके परिवार में किसी की भी नहीं सुनता।

सीएम (मुलायम सिंह यादव) के बेटे (अखिलेश यादव) इस एसएसमपी के बारे में एक किस्सा सुनाते हैं कि उनका दोस्त मेरठ में एसएसआई था। उन्होंने एसएसपी से कहा कि इसे किसी थाने में एसओ बना दो तो एसएसपी ने उस एसएसआई को बुलाकर डांटा और उसे लाइन हाजिर कर दिया। ऐसा इसलिए किया क्योंकि एसएसपी पैसे लेकर थाना देते थे, इसलिए सीएम की बात नहीं मानी गई।

रोमी को बुलाकर गालियां दी

बद्दो ने लिखा कि ब्रजलाल ने एसएसपी से भी अपने काम कराने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने रोमी को बुलाकर गालियां दी और तेरे सारे काले कारोबार का पता है, सब बंद करा दूंगा। जितनी हत्या करवाई है उसमें जेल भेज दूंगा। रोमी ने मेरठ के एक बड़े पत्रकार (जो एसएसपी के दोस्त थे) को बीच में डालकर एसीएसपी से बात की। एसएसपी ने हर महीने मोटी रकम मांगी, इसके अलावा मेरे फर्जी पुलिस एनकाउंटर के भी पैसे लिए। इस सबके बीच एसएसपी ने ब्रजलाल के मैनेजर की हत्या के केस में मुझे भी 120/B का मुजरिम बना कर इनाम कर दिया, जबकि जो मुजरिम पकड़े गए थे वो कोर्ट से बरी हो गए थे।

सीएम के रिश्तेदार एमएलए ने की एसएसपी से सेटिंग, मैंने 15 लाख दिए

पुलिस मुझे मारने के लिए लग गई, मैने एसएसपी के होमटाउन के एमएलए से बात की यह एमएलए भी सीएम का रिश्तेदार था। इसके बाद एमएलए ने एसएसपी से बात की और मुझसे कहा कि एसएसपी भारत के सबसे इमानदार अधिकारी हैं, रिश्वत नहीं लेते, लेकिन आप गिफ्ट के नाम पर 15 लाख रुपये दे दो। मेरे आदमी के साथ एमएलए रुपयो से भरा बैग लेकर एसएसपी के घर गया और खाली बैग लोकर मुझे देते हुए कहा कि अब एसएसपी आपको कुछ नहीं कहेंगे और जब तक एसएसपी की मेरठ मे पोस्टिंग है आप मेरठ नहीं आएंगे, क्योंकि एसएसपी का रोमी से आपके फर्जी एनकाउंटर का जो कमिटमेंट हुआ था आपके मेरठ आने से वह कमिटमेंट टूट जाएगा।

रोमी ने रविंद्र सिंह भूरा की हत्या की सुपारी दी

बद्दो ने लिखा कि रोमी ने रविंद्र सिंह भूरा की हत्या की सुपारी भी एसएसपी से तय की। इसके लिए एसएसपी ने काफी बड़ी रकम ली, क्योंकि एसएसपी जानते थे कि भेरा का 25% भी अब रोमी और ब्रजलाल के पास जाएगा। रविंद्र सिंह भूरा जेल से कोर्ट आए, इस दौरान भूरा और उनके नाबालिग भतीजे के साथ ही एक सिपाही की भी हत्या कर दी गई।  सिपाही की हत्या इसीलिए की गई क्योंकि उसने हत्या करने वाले पुलिसवालों को पहचान कर पकड़ लिया था। नाबालिग भतीजे का यह कसूर था कि वह भूरा का भतीजा था।

एसएसपी सीएम का नजदीकी होने की वजह से सच्चाई दब गई

ब्रजलाल और रोमी की एसएसपी को दी हुई सुपारी काम कर गई, एफआईआर हुई कि कुछ बदमाश आए और हत्या करके भाग गए। मामला पूरे देश में हाईलाइट हुआ, सच्चाई सबको मालूम हो गई, लेकिन सीएम का नजदीक होने की वजह से सच्चाई दब गई। हालांकि उस वक्त के जिला जज ने एसएसपी से नाजराजगी जाहिर की और हाईकोर्ट को सीबीआई जांच के लिए लिखने की बात कही। इस पर एसएसपी ने हाथ पैर जोड़कर मामला शांत किया।

सुपर काॅप एसएसपी ने डायमेंड सेट और 20 लाख रुपये लिए 

बद्दो ने लिखा कि इस बीच एसएसपी के परिवार के सदस्य की शादी मेरठ में ही थी। एमएलए ने मेरी बात फोन पर एसएसपी से कराई। एसएसपी ने कहा, ब्रजलाल सीनीयर ऑफिसर मेरे ऊपर काफी दबाव बना रहे है, लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा। एसएसपी ने कहा मैंने एमएलए से कुछ कहा है वो देख लेना। एमएलए ने मुझसे कहा कि शादी में एक डायमेंड सेट और 20 लाख रुपये देने को कहा, जो दे दिए गए। हालांकि बाद में मुझे पता चला कि एसएसपी मुझे मारने के लिए अभी भी लगे हुए हैं।

घमंड में गलती कर बैठे एसएसपी

रोमी से एसएसपी का कमिटमेंट था। की लड़एसएसपी बंदर और बिल्लियों की लड़ाई की कहानी पर अमल कर रहे थे और एमएमए एसएसपी की गारंटी लेते रहे कि बीच में मैं हूं एसएसपी की हिम्मत नहीं है, लेकिन मैं एसएसपी का खेल समझ गया था। इसी बीच एसएसपी घमंड में एक गलती कर गए। मेरठ में दो कारोबारियों के बीच  कीमती जमीन को लेकर झगड़ा हुआ, एसएसपी ने इसका फायदा उठाते हुए दोनों पर दबाव बनाकर जमीन का बंटवारा कर दिया और बदले में उसी जमीन का बड़ा टुकड़ा (जिसकी क़ीमत करोड़ों में थी) अपनी पत्नी के नाम करा लिया। इसके बाद उन दोेनों कारोबारियों को मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया। 

एसएसपी के खिलाफ कोर्ट में पीआईएल लग गई

बद्दो ने लिखा कि इस बीच एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट मे एक पीआईएल डाली जिसमें एसएसपी ने जितने भी एनकाउंटर किए थे उनके पेपर, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा, गवाहों के बयान, मरने वालों के परिवार के एफेडेफिट और एसएसपी की पत्नी के नाम रजिस्ट्री के पेपर लगा दिए। ये मामला प्रिंट मीडिया में काफी हाईलाइट हुआ। एसएसपी मेरठ के बड़े और इज्जतदार व्यक्ति के पास पहुंचे और कहा कि किसी भी तरह पीआईएल वापिस करवाइए, मेरे से गलती हो गई। एसएसपी की पत्नी ने कहा कि जब से पीआईएल लगी है हम लोगों ने व्रत रख रखे हैं, मैं मंदिर में बैठी हूं। इसके बाद पीआईएल की कार्रवाई रोक दी गई। हालांकि यह कार्रवाई एसएसएसपी के 

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