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बागपत के बजरंग दल नेता की भी नूंह के दंगे में हुई मौत, परिजनों का टूट गया एकमात्र आर्थिक सहारा

बागपत। बागपत जिले के एक बजरंग दल सह संयोजक प्रदीप शर्मा की हरियाणा मेवात नूंह के दंगे में मौत हो गयी। बुधवार शाम को उसका शव पैतृक गांव पांची लाया गया। जहां भारी पुलिस सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया है। बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद ने संयुक्त रूप से बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर जिहादियों का पुतला दहन किया है। पीड़ित परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रूपये अर्थिक सहायता मांगी गयी है।

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बागपत जिले के पांची गांव का रहने वाला प्रदीप पुत्र चंद्रपाल बजरंग दल में सह संयोजक था। गुरूग्राम के मारुति कुंज कालोनी में रहकर बर्तनों की दुकान करता था। हरियाणा के मेवात में शोभायात्रा में वह शामिल होने के लिए गया था। शोभायात्रा के दौरान मुस्लिम  हमलावरों के हमले में जहां सात लोगों की मौत हो चुकी है वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसकी मंगलवार रात को इलाज के दौरान मौत हो गयी। मौत की सूचना के बाद बागपत जिले में बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद कार्यकताओं में आकोश फैल गया।

उन्होंने बुधवार को बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पहुंचकर अपना आक्रोश जताया और जेहादियों का पुतला दहन कर मृतक के परिजनों को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी की मांग रखी है। वहीं मामले को गंभीरता के साथ लेते हुए एसपी बागपत अर्पित विजयवर्गीय ने सात थानों की फोर्स को पांची गांव में लगा दिया। बुधवार शाम छह बजे प्रदीप का शव पांची गांव पहुंचा। शव देकर चारों और मातम छा गया।

प्रदीप के माता पिता बेटे का शव देकर बेहोश होकर गिर गये। ग्रामीणों का कहना था कि प्रदीप ही पूरे परिवार का भरण पोषण करता था। परिजनों पर अर्थिक संकट का पहाड़ टूट गया है। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में शाम सात बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया।

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News Source: https://royalbulletin.in/baghpats-bajrang-dal-leader-also-died-in-the-nuh-riots-the-familys-only-financial-support-was-broken/75525

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