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गाजियाबाद-मेरठ हाईवे : रैपिड रेल कॉरिडोर हादसे की जांच के लिए टीम गठित, कैसे हुई चूक, टेस्टिंग के दौरान हुआ था हादसा, केंद्र सरकार को जाएगी यह रिपोर्ट;

गाजियाबाद-मेरठ हाईवे : रैपिड रेल कॉरिडोर हादसे की जांच के लिए टीम गठित, कैसे हुई चूक, टेस्टिंग के दौरान हुआ था हादसा, केंद्र सरकार को जाएगी यह रिपोर्ट;

भारत के पहले रीजनल रैपिड रेल कॉरिडोर पर 24 घंटे पहले गाजियाबाद में हुए हादसे की जांच के लिए एनसीआरटीसी और एलएंडटी ने करीब 10 इंजीनियरों की टीम बनाई है। यह टीम यह पता लगाएगी कि हादसा किस वजह से हुआ। तुम कहाँ गलत हो गए? इसकी रिपोर्ट एनसीआरटीसी के जरिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को भी जाएगी।Read Also:-काम की खबर: मोटरसाइकिल चलाने वालों और वाहन चलाने वालों के लिए बड़ी खबर, ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में अहम जानकारी

उधर, इस हादसे के बाद एनसीआरटीसी ने सुरक्षा के कुछ और इंतजाम किए हैं। भारी सामान को ऊपर ले जाने के दौरान अब उस खास जगह का ट्रैफिक कुछ देर के लिए रोक दिया जाएगा। आपको बता दें कि मंगलवार को हुए हादसे में यातायात नहीं रुका। साइट के किनारे वाहनों का आवागमन जारी रहा। ऐसे में एक कार सवार चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। अब ट्रैफिक रोकने के लिए मौके पर मार्शलों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

एनसीआरटीसी के पीआरओ पुनीत वत्स ने कहा, “यह घटना परीक्षण के दौरान हुई जब लगभग 50 टन वजन वाले सीमेंटेड खंड को वायडक्ट (पुल) बनाने के लिए लॉन्चिंग गर्डर (क्रेन) से उठाकर देखा जा रहा था। उन्होंने कहा, हम साइट पर पहले हर समान का परीक्षण करते हैं। परीक्षण रिपोर्ट ठीक होने के बाद ही काम को आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों की फिलहाल जांच की जा रही है।

पुलिस ने एनसीआरटीसी को दिया नोटिस
वहीं गाजियाबाद के एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि इस हादसे को लेकर एनसीआरटीसी को नोटिस दिया गया है। क्योंकि हादसे के वक्त उन्होंने पुलिस को सूचना देकर ट्रैफिक नहीं रोका था। अगर यह खंड किसी वाहन पर पड़ता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। नियम के मुताबिक सेगमेंट उठाते वक्त ट्रैफिक रुक जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस संबंध में एनसीआरटीसी से जवाब मांगा गया है।

मंगलवार को गाजियाबाद-मेरठ हाईवे पर मोदीनगर कस्बे में गुरुमुखपुरी गेट नंबर-दो के सामने दो खंभों के बीच पुल बनाने का काम चल रहा था। इसके लिए दोनों पुलों के बीच 50 से 55 टन वजनी सीमेंट वाले खंड को रखने से पहले उनकी टेस्टिंग चल रही थी। अचानक पुल पर बंधा क्रेन का तार टूट गया और नीचे सड़क पर एक खंड गिर गया। शुक्र है कि यह खंड अपने आरक्षित क्षेत्र में गिरा, जहां चारों ओर बैरिकेड्स हैं। इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। रैपिड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर इस तरह की यह पहली घटना है।

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