Home Breaking News मेरठ: मवाना में आग बुझाने के प्रयास में गईं 3 जिंदगी, आग में जलकर 3 की मौत का मामला, अंदर के हिस्से में लगी थी आग, आग में घिरे नहीं निकल पाए बहार

मेरठ: मवाना में आग बुझाने के प्रयास में गईं 3 जिंदगी, आग में जलकर 3 की मौत का मामला, अंदर के हिस्से में लगी थी आग, आग में घिरे नहीं निकल पाए बहार

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मेरठ: मवाना में आग बुझाने के प्रयास में गईं 3 जिंदगी, आग में जलकर 3 की मौत का मामला, अंदर के हिस्से में लगी थी आग, आग में घिरे नहीं निकल पाए बहार

22 नवंबर को मेरठ के मवाना कस्बे में एक इंजन ऑयल की दुकान और गोदाम में आग लगने से व्यापारी के बेटे समेत तीन युवक जिंदा जल गए। आग की इस घटना ने पूरी सरकारी मशीनरी को सवालों के घेरे में ला दिया है। तीन युवक जिंदा जल गए और दमकल व पुलिस ने दो घंटे तक मशक्कत की। जब तक तीनों को दुकान से बाहर निकाला जा सका, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पड़ोसी दुकानदार ने बताया कि आग दुकान के अंदर के हिस्से में लगी। जिसके बाद व्यापारी के बेटे रोहित ने शोर मचा दिया। आग बुझाने के लिए एक छोटा सिलेंडर लिया, लेकिन एक मिनट में ही आग इतनी भीषण हो गई कि तीनों युवक अंदर से बाहर निकल सके।Read Also:-मेरठ: गांजा बेचने की शिकायत पर गोली मारी, 5 आरोपियों ने आधी रात को की फायरिंग, पुलिस ने शुरू की जांच

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यह है पूरा मामला
मेरठ के देहात क्षेत्र मवाना में सुभाष चौक के पास मुख्य सड़क पर थाने के पास रहने वाले सतीश कुमार की इंजन ऑयल की दुकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि आग पास की एक साइकिल की दुकान को भी चपेट में ले लिया। जिसके बाद तीसरी दुकान हार्डवेयर की दुकान भी आग की चपेट में आ गई। उनके ऊपर कोचिंग सेंटर भी था।

आग लगते ही आसपास के लोगों ने किसी तरह दुकान खाली कर अपनी जान बचाई। वहीं, एक दुकान में 4 लोग फंस गए। पुलिस ने किसी तरह दुकान मालिक सतीश के बेटे ईशान को बचाया। जबकि मवाना निवासी व्यवसायी सतीश पुत्र राजा (25 वर्ष), मवाना निवासी दुकान पर काम करने वाला शादाब (25 वर्ष) और रामबाग, मवाना निवासी नौकर रोहित (26 वर्ष) आग की चपेट में आकर जिंदा जल गया।Read Also:-मेरठ: भीषण आग, 3 युवक जिंदा जले,मरने वालों में व्यापारी का बेटा व 2 नौकर, भाई को बचाने के लिए रोती रही बेबस बहन

इंजन ऑयल में लगी आग घातक
मवाना मेन रोड इंजन ऑयल की दुकान है। यह दुकान सतीश कुमार की है। दुकान के मुख्य द्वार में शटर की चौड़ाई का दरवाजा है, जबकि गोदाम अंदर की तरफ बना है। इंजनों से निकलने वाला पुराना तेल भी यहां स्टॉक था। दुकान के सामने इंजन ऑयल था। शर्मा साइकिल स्टोर पास ही है, रविवार को दुकान के अंदर जब धुआं उठने लगा तो व्यापारी के दो बेटे राजा, ईशान, नौकर रोहित और शादाब और मनु थे। अचानक वह बाहर आ गया। लेकिन आग बुझाने में व्यापारी का बेटा ईशान झुलस गया। जबकि व्यापारी का बेटा, नौकर और ईशान बाहर नहीं आ सके। पड़ोसी दुकानदार ने बताया कि सभी अंदर न जाने का शोर मचा रहे थे।

अगर सामान जल भी गया तो कुछ नहीं होगा। लेकिन एक मिनट से भी कम समय में आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। पहले मवाना स्टेशन से दमकल पहुंचा, लेकिन तेल की आग के आगे एक टैंकर क्या कर सकता था। जब तक मेरठ शहर से दमकल की गाड़ी पहुंची तब तक 45 मिनट लग चुके थे। हुआ यूं कि दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया, तब तक राजा, रोहित और ईशान जलकर मर गए थे।

भाई राजा को बचाने के लिए गुहार लगाती बहन दिव्या

बहन ने कहा भाई कह रहा था आज रविवार है
सोमवार को तेल कारोबारी सतीश कुमार का बड़ा बेटा ईशान और छोटा बेटा राजा नौ बजे निकल गए। पास ही सुभाष चौक के पास एक दुकान है। जिसमें राजा ने कहा था कि रविवार है तो आज काम ज्यादा रहेगा। तब छोटी बहन दिव्या ने कहा कि रोटी का टिफिन, फिर कहा कि रोटी आ जाएगी। अब पापा भी आएंगे। लेकिन बहन को यह नहीं पता था कि भैया राजा घर से बाहर नहीं आएंगे। दुकान में आग लगी तो बहन भी मां अर्चना के साथ पहुंच गई। बहन ने अपने भाई को बचाने के लिए पुलिस और अधिकारियों से गुहार लगाई, वह अंदर फंसा हुआ है। बहन दिव्या का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

रोहित की मां को सांत्वना देते लोग

रोहित की मां ने कहा मेरा सब कुछ चला गया
आग में झुलसी रोहित की मां सुनीता की भी हालत खराब थी। बीजेपी के पूर्व विधायक गोपाल काली और राज्य के राज्य मंत्री दिनेश खटीक पहुंचे तो रोहित की मां भी रोती रही। महिला ने बताया कि रोहित को दुकान पर 8 हजार रुपए महीने मिलते थे। सुबह रोहित कहकर घर से आया। रोहित के दो छोटे बच्चे हैं। रविवार की रात ही मां से कह रहा था कि एक दिन की छुट्टी लूंगा और कपड़े खरीदने जाना है।

रोहित के परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। सोमवार की रात मवाना में पोस्टमार्टम के बाद भीड़ ने रोहित का शव रखकर शव को रोक दिया और 10 लाख की आर्थिक मदद की मांग की। जिसके बाद सीओ और एडीएम ने आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।

रविवार को मना करने पर भी दुकान पहुंचा शादाब
इस आग में मवाना निवासी शादाब भी जिंदा जल गया। शादाब की मौत के बाद परिवार में चार भाई बचे हैं। रविवार की सुबह शादाब ने घरवालों से कहा कि उनका आज काम पर जाने का मन नहीं कर रहा था। लेकिन भाई ने कहा कि अगर मैं दोपहर में वहां आऊंगा तो घर का सामान खरीद कर दे दूंगा। जिसके बाद शादाब दुकान पर गया। अब जब आग लगी तो शादाब व्यवसायी के बड़े बेटे ईशान के साथ दुकान के पिछले हिस्से में बने गोदाम में पुराने इंजन के तेल को ड्रम से दूसरे डिब्बे में भर रहा था। अचानक उसमें आग लग गई और जोरदार धमाके के साथ तेल का ड्रम फट गया।

पूर्व विधायक ने सीएम को यह पत्र लिखा है।

दमकल कर्मियों की लापरवाही
भाजपा के हस्तिनापुर के पूर्व विधायक गोपाल काली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया कि दमकल की गाड़ी देर से आई। इस कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसमें दमकल विभाग के सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शहर के बीचोबीच इतनी बड़ी घटना घटी और आग लगने के डेढ़ घंटे बाद मेरठ शहर से एक वाहन को बुलाया गया।

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