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मेरठ: फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश, बन रहे थे फर्जी आधार कार्ड, पुलिस ने 1 को किया गिरफ्तार, बड़ी संख्या में आधार कार्ड भी बरामद

मेरठ: फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश, बन रहे थे फर्जी आधार कार्ड, पुलिस ने 1 को किया गिरफ्तार, बड़ी संख्या में आधार कार्ड भी बरामद

यूपी के मेरठ में फर्जी आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया है. साइबर सेल और पल्लवपुरम पुलिस ने बुधवार रात एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए यह खुलासा किया है. पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि इस गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों के आधार कार्ड बनाए हैं। जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, बड़ी संख्या में आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

साइबर सेल को मिली शिकायत
यूपी और उत्तराखंड में फर्जी आधार कार्ड बनने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर सर्विलांस सेल और साइबर सेल की टीम लगातार काम कर रही थी. 18 अगस्त 2021 की रात को पल्लवपुरम पुलिस ने आधार कार्ड बनाने को लेकर मोदीपुरम की दुर्गा कॉलोनी में एक घर में छापेमारी की. जिस पर टीम ने हरिशंकर के दुर्गा कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान हरिशंकर फर्जी आधार कार्ड बनाते पकड़ा गया. जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से पांच लैपटॉप, पांच मोबाइल, एक हार्ड डिस्क, एक बारकोड स्कैनर, दो लैपटॉप चार्जर, बड़ी मात्रा में आधार कार्ड का प्रिंट आउट बरामद किया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने हरिशंकर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

बिहार में बैठा है मास्टर माइंड
एसपी क्राइम अनीत कुमार के मुताबिक, बिहार में बैठा गिरोह का सरगना मेरठ की दुर्गा कॉलोनी निवासी हरिशंकर से फर्जी आधार कार्ड बनाता था. हरिशंकर ने बताया कि मेरे पिता सीताराम मोदीपुरम स्थित मोदी कॉन्टिनेंटल में काम करते थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी आ गई। जिस पर उन्होंने एक शिक्षा केंद्र पर काम करना शुरू किया। फरवरी 2020 में एक दिन एक कॉल आया। जिसने अपना नाम अभिनव बिहार निवासी बताया। उसने उसे एक सॉफ्टवेयर बनाने के लिए 40 हजार रुपये देने को कहा। और उसने सॉफ्टवेयर बनाया। जिसके बाद अभिनव ने उनके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अभिनव के पास दोबारा फोन आया और उससे फर्जी आधार कार्ड बनाने की बात कही। जिस पर दोनों साथ काम करने लगे। अभिनव आधार कार्ड बनवाने की डिटेल ऑनलाइन भेजता था। हरिशंकर ने बताया कि वह एक महीने में 1000 से ज्यादा आधार कार्ड बनाता था।

बैंक खाते की पूछताछ शुरू
हरिशंकर ने बताया कि यह काम डेढ़ साल से शुरू किया गया था। आधार कार्ड बनवाने के लिए बिहार का अभिनव उसे 85 पैसे का मुनाफा देता था। वह बनाया हुआ आधार कार्ड अभिनव के लिए बनी वेबसाइट पर ऑनलाइन भेजता था। अभिनव को जब पैसे मिलते थे तो वह अपने हिस्से का पैसा उसे ऑनलाइन भेज देता था। हरिशंकर यह पैसा चंडीगढ़ निवासी अपनी पत्नी और बहन के खाते में ट्रांसफर करता था। हरिशंकर ने दोनों के खातों में अपना मोबाइल नंबर डाला था। जिसके चलते वह घर बैठे नेट बैंकिंग के जरिए पैसा खर्च करते थे। पुलिस ने बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। अभिनव की तलाश में एक टीम बिहार भेजी गई है।

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