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मेरठ : शहीद सूबेदार रामसिंह के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे केंद्रीय मंत्री, परिजनों ने कहा- दो बच्चों को मिले नौकरी

मेरठ : शहीद सूबेदार रामसिंह के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे केंद्रीय मंत्री, परिजनों ने कहा- दो बच्चों को मिले नौकरी
मेरठ के इशापुर निवासी सूबेदार राम सिंह भंडारी बीते दिनों जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। 
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मेरठ के इशापुर निवासी सूबेदार राम सिंह भंडारी बीते दिनों जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। गुरुवार को शहीद के परिजनों को सांत्वना देने केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्‌ट पहुंचे। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल और भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल भी मैजूद रहे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। Read Also:-काम की बात: आपके आधार कार्ड से कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं सेकंड में पता चल जाएगा ट्राई की इस नई सेवा से

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मंत्री ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि ऐसे वीर सपूत के कारण आज हमारा देश सुरक्षित है। उन्होंने सूबेदार राम सिंह के पिता से कहा कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। उस पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने शहीद के परिजनों को सरकार से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। शहीद के बच्चों की पढ़ाई और शादी में सरकार मदद करेगी। मंत्री ने शहीद रामसिंह की पत्नी और बच्चों कोढांढस बंधाते हुये कहा कि शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। शहीद के परिजनों ने मंत्री से परिवार के दो बच्चों को सरकारी नौकरी और शहीद रामसिंह के नाम पर सड़क बनावाने और उनकी मूर्ति लगवाने की मांग की। 

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उधर गढ़वाल सभा ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल को पत्र लिखकर शहीद राम सिंह के नाम पर इशापुरम में सड़क बनवाने की मांग की। कैप्टन वीर सिंह रावत ने कहा कि शहीद राम सिंह के परिवार में उनके उनकी पत्नी, 81 वर्षीय पिता हैं। वहीं शहीद के 4 बेटियां और 1 बेटा भी है, जिनमें से 2 बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि शेष तीनों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि परिवार में सूबेदार राम सिंह अकेले कमाने वाले थे, ऐसे में परिवार के सामने अब आय का संकट खड़ा हो गया है। इसलिए सरकार शहीद के परिवार की मदद के लिए उनके बेटे व 1 बेटी को सरकारी नौकरी दे।  शहीद सूबेदार रामसिंह के नाम पर ईशापुरम में सड़क बनाई जाए। इस सड़क का नाम शहीद के नाम हो। इसी क्षेत्र में शहीद की मूर्ति लगाकर उस पर सूबेदार रामसिंह की शहादत का उल्लेख करते हुए शिलालेख लगाया जाए।

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