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Tokyo Olympics : गोल्डन ब्वाॅय के चाचा बोले, 11 खिलाड़ियों पर भारी पड़ा मेरा भतीजा नीरज

Tokyo Olympics : गोल्डन ब्वाॅय के चाचा बोले, 11 खिलाड़ियों पर भारी पड़ा मेरा भतीजा नीरज
नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में शनिवार को यहां भाला फेंक में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रच दिया है। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका जो कि सोने का तमगा हासिल करने के लिये पर्याप्त था।

Tokyo Olympics 2020 में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शनिवार को इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। भाला फेंक में भारत के इस युवा जैवलिन थ्रोअर के सामने जर्मनी के जोहानेस वेटर, चेक रिपब्लिक के Jakub Vadlejch, पाकिस्तान के अरशद नदीम, चेक रिपब्लिक के ही विटदेस्लाव वेसेली और जर्मनी के जूलियन वेबर थे, जिन सबको पीछे छोड़ते हुए नीरज चोपड़ा 87.58 मीटर का थ्रो फेंककर सबसे आगे रहे।

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फाइनल राउंड में नीरज के आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं देखने को मिला। इस स्पर्धा के पहले थ्रो में नीरज ने जहां 87.3 मीटर तक थ्रो फेंक कर नंबर एक पोजीशन बना ली थी। वहीं दूसरे थ्रो में उन्होंने इससे भी ज्यादा 87.58 मीटर तक थ्रो फेंक कर अपनी स्वर्ण पदक की पकड़ को और मजबूत किया। नीरज ने पहले अटैम्प्ट में 87.03 मीटर और दूसरे अटैम्प्ट में 87.58 मीटर दूर भाला फेंका था। तीसरे अटैम्प्ट में उन्होंने 76.79 मीटर, चौथे और 5वें में फाउल और छठे अटैम्प्ट में 80 मीटर से ज्यादा थ्रो किया।नीरज का यह गोल्ड मेडल ओलंपिक इतिहास में एथलीट से भारत का पहला पदक है और इस बार के ओलंपिक खेलों में भारत का 7वां पदक है।

लंदन ओलंपिक 2012 के बाद भारत का यह सबसे शानदार प्रदर्शन है।  लंदन ओलंपिक में भारत ने 6 पदक जीते थे।23 वर्षीय नीरज ने ओलंपिक स्टेडियम में, ग्रुप ए क्वालीफिकेशन राउंड के अपने पहले ही प्रयास में 86.65 मीटर का थ्रो फेंक 83.50 मीटर के ऑटोमेटिक क्वालीफाइंग अंक को हासिल किया था तथा फाइनल में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे थे।

साल 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में नीरज ने 88.06 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था। नीरज पहले भारतीय हैं जिन्होंने एशियन गेम्स में गोल्ड जीता है। नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव के रहने वाले हैं।

13 साल बाद भारत को गोल्ड
ओलिंपिक गेम्स में 13 साल बाद भारत को किसी इवेंट में गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले 2008 में बीजिंग ओलिंपिक निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड जीता था। बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट का गोल्ड अपने नाम किया था।

भारत का अब तक का 10वां गोल्ड
यह ओलिंपिक गेम्स में भारत का अब तक का 10वां गोल्ड मेडल है। भारत ने इससे पहले हॉकी में 8 और शूटिंग में 1 गोल्ड मेडल जीता है। इस तरह भारत का यह सिर्फ दूसरा इंडिविजुअल गोल्ड मेडल भी है।

ट्रैक एंड फील्ड में भारत का पहला मेडल
नीरज से पहले कोई भारतीय ओलंपिक इतिहास में एथलेटिक्स में मेडल नहीं जीत पाया था। ब्रिटिश इंडिया की ओर से खेलते हुए नॉर्मन प्रिटचार्ड ने साल 1900 में हुए ओलिंपिक में एथलेटिक्स में दो मेडल जीते थे, लेकिन वे भारतीय नहीं अंग्रेज थे। यानि आज नीरज ने 121 साल बाद सूखा खत्म कर दिया।

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