Home Breaking News उत्तर प्रदेश : बहुतो ने गर्मी दिखाने की कोशिश की लेकिन उनकी गर्मी शांत हो गई; विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी का अखिलेश यादव को जवाब

उत्तर प्रदेश : बहुतो ने गर्मी दिखाने की कोशिश की लेकिन उनकी गर्मी शांत हो गई; विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी का अखिलेश यादव को जवाब

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उत्तर प्रदेश : बहुतो ने गर्मी दिखाने की कोशिश की लेकिन उनकी गर्मी शांत हो गई; विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी का अखिलेश यादव को जवाब

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी ने एक बार फिर चेतावनी दी कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि बहुतो ने गर्मी दिखाने की कोशिश की लेकिन उनकी गर्मी कम हो गई है।Read Also:-मेरठ : पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके बेटे फिरोज की अग्रिम जमानत हुई खारिज, 5 करोड़ का अवैध मांस पकड़े जाने के मामले में पूरा परिवार है फरार

विधानसभा सत्र का आज दूसरा दिन है। सदन की कार्यवाही के दौरान एक बार फिर मुख्यमंत्री योगी अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। कानून व्यवस्था पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पिछली सपा सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राज्य में कानून का राज है। हर वर्ग सुरक्षित है। कई लोगों ने गर्मी दिखाने की कोशिश की लेकिन उनकी गर्मी कम हो गई है।

दरअसल अखिलेश यादव ने सदन में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश महिला अपराध में सबसे आगे है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशन अराजकता का केंद्र बन जाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अपराध को लेकर गंभीर क्यों नहीं दिखती। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार अपराध हो रहे हैं। आखिर जीरो टॉलरेंस कहां है? कल जब राज्यपाल यहां भाषण दे रहे थे तो परसों दिन की घटना अखबार में छपी थी कि 19 साल की बेटी के साथ रेप हुआ है।

इस पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अपराध किसी के भी साथ हो जाए, यह अक्षम्य है। खासकर महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामले में सरकार पूरी गंभीरता के साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। ये है बीजेपी की सरकार। यहां अपराधियों के बारे में यह नहीं कहा जाता है कि वे लड़के हैं, गलतियां की जाती हैं।

अखिलेश ने कहा कि देश और यूपी के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में सबसे आगे है। अगर सरकार इसे नहीं मानती है तो सरकार बताए डायल-112 और 1090 के आंकड़े क्या कहते हैं? अखिलेश ने कहा कि ‘ललितपुर में जब नेता सदन (मुख्‍यमंत्री) से अधिकारियों की शिकायत हुई तो उन्‍होंने कहा कि आप दलाली छोड़ दो हम अफ़सर सुधार देंगे।पांच साल तक दलाली चलती रही लेकिन मुख्यमंत्री को इसकी भनक नहीं लगी। उन्होंने सवाल उठाया- सिद्धार्थनगर में क्या हुआ? पुलिस ने घटना को क्या दिया? बलिया में बेटी को पुलिस ने इतनी पीटा कि उसकी जान चली गई।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष के नेता यह जानते हैं और समझते हैं कि कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अगर आप पूरे देश में हो रहे मामलों की संख्या पर नजर डालें तो पाएंगे कि 2012 से 2017 के बीच विभिन्न प्रकार के अपराधों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार राज्य में अराजकता का पर्याय बनने वाले हर अपराधी का समर्थन कर रही थी। जिसका पेशा गुंडागर्दी बन चुका था। पिछले पांच वर्षों के भीतर, राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था के माहौल ने इस सरकार को फिर से व्यापक जन समर्थन दिया है।

प्रत्यक्ष को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचित सदस्य इस बात का प्रमाण हैं कि जनता ने उन्हें समर्थन दिया है और जिस भावना से आधी आबादी ने उनका समर्थन किया है वह काबिले तारीफ है। सरकार अपराध और अपराधियों के मुद्दे पर परवाह किए बगैर अपनी कार्रवाई जारी रखेगी। सभी को सुरक्षा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है। खुलेआम अपराध करना स्वीकार्य नहीं है। विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए 2017 में सरकार द्वारा एंटी रोमियो स्क्वॉड की स्थापना की गई थी। इसके साथ ही सरकार ने राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए पॉक्सो कोर्ट की भी स्थापना की।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह भी बहुत जरूरी है कि इससे पहले विधानसभा या अन्य चुनावों के दौरान और बाद में व्यापक हिंसा हुई थी। कुछ लोगों ने इस विधानसभा चुनाव और चुनाव खत्म होने के बाद भी कुछ कार्रवाई की, लेकिन कुछ घंटों के भीतर हमने उस कार्रवाई को भी नियंत्रित कर लिया है। कई लोगों ने गर्मी दिखाने की कोशिश भी की तो गर्मी भी ठंडी हो रही है। यह बहुत अच्छा चल रहा है। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति इस देश में एक मिसाल बनी हुई है। 5 साल में कोई दंगा नहीं हुआ जहां 2012 से 2017 के बीच 700 से ज्यादा बड़े दंगे हुए। नई सरकार बनने के बाद देश के 7 राज्यों में दंगे हुए, यूपी में कोई दंगा नहीं हुआ। हनुमान जयंती के अवसर पर भी कोई दंगा नहीं हुआ।

लाउडस्पीकर पर बोले मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी ने आज विधानसभा में लाउडस्पीकर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हमें लगातार शिकायतें मिलती रहती थीं। नवजात शिशुओं, विद्यार्थियों, बुजुर्गों की माताओं की ओर से। आज एक लाख से अधिक लाउडस्पीकरों को या तो बंद कर दिया गया है या उनकी आवाज मंद कर दी गई है। राज्य में सड़कों पर अलविदा की नमाज भी नहीं हुई। ईद पर कोई अफरातफरी नहीं थी। पर्व और त्योहारों को शांति और सद्भाव के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी ने शांति व्यवस्था में योगदान देने वाले धर्मगुरुओं का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार माफिया की दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमीन जब्त की गई है।

सिद्धार्थनगर घटना पर मुख्यमंत्री का जवाब
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सिद्धार्थनगर गए थे। वहां जितेंद्र यादव नाम के शख्स ने पुलिस पार्टी के जाने के बाद फायरिंग कर एक मासूम मुस्लिम महिला की हत्या कर दी थी। उसे पकड़ लिया गया है। सीएम ने कहा कि कुछ लोग साजिश कर रहे हैं। 2017 में जब हमारी सरकार बनी थी तो आजमगढ़ में जहरीली शराब से मौतें हुई थीं। तह तक जाने पर पता चला कि नकली शराब के पीछे का व्यक्ति समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मैं उनका नाम लेता हूं तो आपको बुरा लगेगा।

अखिलेश यादव ने उठाई आपत्ति
नकली शराब कारोबारी के सपा से जुड़े होने की बात पर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने खड़े होकर आपत्ति जताई। आपको किसने रोका है? उन्होंने सिद्धार्थनगर में महिला को पुलिस द्वारा गोली मारे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग परिवार को संभालते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते आपको सदन में ऐसा कुछ भी नहीं कहना चाहिए जिससे पुलिस का मनोबल टूटता हो। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में ऐसी घटनाओं को कोई छुपा नहीं सकता।

राजभर ने कहा- मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज
इसके बाद सदन में सुभाष सपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का मामला उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब दिया कि दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मेरे खिलाफ गलत एफआईआर लिखी गई है। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खड़े हो गए। उन्होंने कहा, ‘ओम प्रकाश राजभरजी भी आपके साथ थे और इस समय हमारे साथ आए हैं, दुश्मनी की कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।’ इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि ऐसी बात किसी के दिमाग में नहीं रहनी चाहिए। इस जवाब पर अखिलेश यादव भड़क गए और कुछ देर के लिए घर में हंगामा शुरू हो गया।

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