मवाना शुगर लिमिटेड को एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए लाइसेंस स्वीकृत हो गया है। शुगर मिल प्रबंधन जल्द ही 1.20 किलोलीटर (एक लाख बीस हजार) की क्षमता का एथेनॉल प्लांट लगाने की तैयारी करेगा। क्षेत्र में एथेनॉल प्लांट लगने से किसानों को समय से गन्ना भुगतान और क्षेत्र में खुशहाली के रास्ते खुलेंगे। वहीं एथेनॉल प्लांट लगने से स्थानीय युवकों को रोजगार की संभावना प्रबल होगी। मवाना शुगर मिल प्रबंधन एथेनॉल प्लांट के लाइसेंस के लिए करीब दो साल से अथक प्रयास कर रहा था।देश में एथेनॉल अभी तक विदेशों से मंगाया जाता है, जिस कारण डीजल एवं पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पेट्रोल व डीजल के दामों में वृद्धि रोकने एवं किसानों का गन्ने का भुगतान समय से हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक साल पहले शुगर मिलों को एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए पांच हजार करोड़ का लोन देने की घोषणा की थी। लगातार शुगर मिलें घाटे का रोना रो रही हैं, जिस कारण किसानों का भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। शुगर मिलों ने केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट को भुनाने की कवायद शुरू कर दी थी। मिल प्रबंधन के अनुसार, कुछ ही दिनों पहले मवाना शुगर मिल को लगभग एक लाख 20 हजार लीटर क्षमता वाला एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए लाइसेंस स्वीकृत हो गया है और जल्द ही मवाना शुगर मिल को एक लाख 20 हजार लीटर का प्लांट लगाने के लिए लगभग 400 करोड़ का लोन मिलने की उम्मीद है।

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