Home Breaking News उत्तर प्रदेश में बढ़ी बिजली की कटौती, जून में याद आई ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर बदलने की; जबकि मार्च-अप्रैल में ही बदलना था, अब रात 12 बजे तक होगी पेट्रोलिंग

उत्तर प्रदेश में बढ़ी बिजली की कटौती, जून में याद आई ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर बदलने की; जबकि मार्च-अप्रैल में ही बदलना था, अब रात 12 बजे तक होगी पेट्रोलिंग

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उत्तर प्रदेश में बढ़ी बिजली की कटौती, जून में याद आई  ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर बदलने की; जबकि मार्च-अप्रैल में ही बदलना था, अब रात 12 बजे तक होगी पेट्रोलिंग

कटौती और दोष बढ़ गए हैं। लखनऊ में 24 घंटे में 20 बार बिजली कटौती दर्ज की जा रही है। तापमान भी 40 से ऊपर चल रहा है। ऐसे में चेयरमैन एम. देवराज ने मध्यांचल के अधिकारियों को नई कार्ययोजना के बारे में बताया है।Read Also;-डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स के जाल में अगर फंस गए हैं? पुलिस से करें शिकायत, आरबीआई गवर्नर ने दी सलाह

उन्होंने शहर के सभी ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलने को कहा है। वहां मानक के अनुसार बढ़े लोड वाले ट्रांसफार्मर लगाने को कहा गया है।

हालांकि विभाग में यह काम हर साल मार्च और अधिकतम अप्रैल के महीने में किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। अब विभाग को जून माह का ओवरलोड याद आ गया है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ में ठीक से जांच की जाए तो एक हजार से अधिक ट्रांसफार्मर ओवरलोड पाए जाएंगे। पिछले कुछ दिनों से रोजाना करीब 15 से 20 ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के कई इलाकों में लो-वोल्टेज के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।

दरअसल, लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में पिछले दो साल से ट्रांसफार्मर, पोल समेत मरम्मत का काम ठीक से नहीं हुआ है। पारेषण लाइन को छोड़कर लोड पर काम न के बराबर था। इस वजह से इस साल कटौती में इजाफा हुआ है। अकेले राजधानी लखनऊ में रोजाना करीब 15 से 20 ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। ऐसे में हर दिन 2 से 5 लाख लोग बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। यह शिकायत 1912 तक ट्विटर, फेसबुक और विभाग की शिकायत पर सरकार तक पहुंच रही है।

इसके अलावा चेयरमैन ने आदेश दिया है कि सभी अधिकारी रात 12 बजे तक गश्त करें। इसके अलावा बिजली चोरी को लेकर सुबह अलग से अभियान चलाया जा रहा है। देर रात पेट्रोलिंग का विरोध अभियंता संघ कर रहे हैं।

ट्रांसफार्मर के पास कचरा मिला तो जेई जिम्मेदार
बैठक में यह भी बताया गया कि अगर ट्रांसफार्मर के पास कहीं भी कचरा मिलता है तो इसकी जिम्मेदारी जेई की होगी। ऐसे में उपकेंद्र स्तर पर अभियान चलाते समय सभी ट्रांसफार्मरों से कचरा हटाया जाए। दरअसल पिछले कुछ दिनों में कूड़े में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इससे ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो जाता है। इस दौरान घंटों बिजली कटौती होती है। गुस्साए उपभोक्ता हंगामा भी करते हैं।

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